बटाईदारी (Sharecropping) समझौता ड्राफ्ट

भूमि मालिक और बटाईदार के बीच फसल-हिस्सा साफ़-साफ़ लिखित में तय करें

बटाईदारी (Sharecropping) समझौता ड्राफ्ट

अगर आप अपनी ज़मीन किसी किसान को खेती के लिए बटाई पर देते हैं (या ले रहे हैं), तो फसल-हिस्सा, अवधि और भूमि विवरण पहले से लिखित में साफ़ होना चाहिए — ताकि बाद में विवाद न हो। नीचे विवरण भरें और एक शुरुआती ड्राफ्ट PDF डाउनलोड करें।

भूमि मालिक: 50% · बटाईदार: 50%
⚠️ यह सिर्फ़ एक शुरुआती ड्राफ्ट/याददाश्त है, कानूनी दस्तावेज़ नहीं। कई राज्यों में बटाईदारी के अपने कानून हैं और लंबी अवधि की बटाईदारी से बटाईदार को कुछ राज्यों में काश्तकारी अधिकार भी मिल सकते हैं — असली समझौते से पहले स्थानीय राजस्व कार्यालय या वकील से सही प्रारूप और वैधता की पुष्टि ज़रूर कर लें।

यह क्यों ज़रूरी है

गाँव-देहात में बटाईदारी अक्सर सिर्फ़ मुँह-ज़बानी बात पर होती है — न फसल-हिस्सा लिखा जाता है, न अवधि, न ज़मीन का विवरण। इससे बाद में उपज के बँटवारे या ज़मीन खाली कराने को लेकर विवाद होना आम बात है। एक लिखित शुरुआती रिकॉर्ड दोनों पक्षों — भूमि मालिक और बटाईदार — दोनों के हित में है।

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