प्रॉपर्टी रजिस्ट्री में कुल कितना खर्चा आता है?
स्टांप ड्यूटी से लेकर वकील फीस तक — रजिस्ट्री के सभी खर्चों का पूरा ब्रेकडाउन
प्रॉपर्टी रजिस्ट्री का खर्चा सिर्फ स्टांप ड्यूटी तक सीमित नहीं होता — इसमें कई हिस्से जुड़ते हैं। नीचे हर हिस्से को अलग-अलग समझें, ताकि रजिस्ट्री के दिन कोई खर्चा हैरान न करे।
रजिस्ट्री खर्चे के मुख्य हिस्से
| 1. स्टांप ड्यूटी | सबसे बड़ा हिस्सा — प्रॉपर्टी वैल्यू का एक तय %, राज्य के हिसाब से अलग-अलग |
| 2. रजिस्ट्रेशन फीस | आमतौर पर प्रॉपर्टी वैल्यू का 1% तक, सब-रजिस्ट्रार ऑफिस में दस्तावेज़ दर्ज करने के लिए |
| 3. वकील/डीड-राइटर फीस | सेल डीड तैयार करने और कानूनी जांच के लिए — यह फिक्स्ड या % आधारित हो सकती है |
| 4. अन्य प्रशासनिक खर्चे | जैसे म्यूटेशन (नामांतरण), नोटरी, दस्तावेज़ों की फोटोकॉपी/स्कैनिंग आदि |