प्रॉपर्टी टैक्स क्या होता है?

स्टांप ड्यूटी से कैसे अलग है, और नगर निगम इसे कैसे कैलकुलेट करता है

प्रॉपर्टी खरीदने के बाद सिर्फ एक बार का खर्चा (स्टांप ड्यूटी, रजिस्ट्रेशन) ही नहीं होता — हर साल एक रिकरिंग खर्चा भी होता है, जिसे प्रॉपर्टी टैक्स या हाउस टैक्स कहते हैं। यह नगर निगम/स्थानीय निकाय द्वारा वसूला जाता है।

स्टांप ड्यूटी बनाम प्रॉपर्टी टैक्स

स्टांप ड्यूटीसिर्फ एक बार, रजिस्ट्री के समय, राज्य सरकार को
प्रॉपर्टी टैक्सहर साल, जब तक मालिकाना हक है, नगर निगम/स्थानीय निकाय को

टैक्स को प्रभावित करने वाले कारक

• बिल्ट-अप एरिया / क्षेत्रफल
• लोकेशन/ज़ोन (शहर के किस हिस्से में)
• निर्माण का प्रकार (रेज़िडेंशियल/कमर्शियल)
• प्रॉपर्टी की उम्र

सटीक फॉर्मूला और दरें हर शहर के नगर निगम की अपनी नीति पर निर्भर करती हैं — अपने नगर निगम की आधिकारिक वेबसाइट से सही जानकारी लें।

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