स्टांप ड्यूटी क्या होता है?
प्रॉपर्टी रजिस्ट्री में स्टांप ड्यूटी क्यों, कितनी और किस पर लगती है — पूरी जानकारी
स्टांप ड्यूटी एक अनिवार्य सरकारी टैक्स है जो ज़मीन, फ्लैट, मकान या किसी भी प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री/ट्रांसफर के समय भरा जाता है। यह टैक्स प्रॉपर्टी के मालिकाना हक (ownership) के दस्तावेज़ को कानूनी मान्यता देता है — बिना स्टांप ड्यूटी भरे रजिस्ट्री कोर्ट में मान्य सबूत नहीं मानी जाती।
यह टैक्स प्रॉपर्टी की असली डील वैल्यू और सरकारी सर्कल रेट पर आधारित वैल्यू — इन दोनों में से जो ज़्यादा हो, उस पर लगाया जाता है। इसके साथ एक छोटी सी रजिस्ट्रेशन फीस भी अलग से भरनी होती है।
कुछ राज्यों की स्टांप ड्यूटी दरें (उदाहरण)
| राज्य | स्टांप ड्यूटी | रजिस्ट्रेशन फीस |
|---|---|---|
| उत्तर प्रदेश | 7% | 1% |
| महाराष्ट्र | 6% | 1% |
| कर्नाटक | 5% | 2% |
| तमिलनाडु | 7% | 1% |
| तेलंगाना | 4% | 0.5% |
| गुजरात | 4.9% | 1% |
ये दरें अनुमानित हैं और समय-समय पर बदल सकती हैं — रजिस्ट्री से पहले हमेशा आधिकारिक सरकारी वेबसाइट या रजिस्ट्रार कार्यालय से पुष्टि करें।